Yojana Pedia

Sarkari Yojana, State Government Schemes

Amrut Plus Yojana अमृत प्लस योजना Full Details

Amrut Plus Yojana
राज्‍य सरकार की योजनाएं -  

Amrut Plus Yojana अमृत प्लस योजना Full Details :

भारत देश के समुच्चय राज्यों एवं केंद्र शासित राज्यों में छोटे नगरों व अन्य दूरवर्ती क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव व अल्प आधारभूत सुविधाओं की आवशयकताओं से संबंधित समस्याए बने रहने का के मुख्य कारण तत्त्व कौशलपूर्ण (Skilled), प्रभावकारी (Effective), कार्यसाधक (Efficient) प्रबंधन (Management) है । इनके परिणामस्वरूप ऐसे सभी छोटे नगरों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी (1.0) प्रथम कार्यकाल में इन क्षेत्रों में वास करने वाले जनों के हित में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, 24-घंटे विद्युत आपूर्ति, परिवहन (यातायात) साधन इत्यादि सुनिश्चित करने हेतु देश की प्रधानमंत्री मोदी सरकार के सत्ता की बागडोर ग्रहण करने के पश्चात समग्र विकास सुनिश्चित करने हेतु “अमृत योजना” की घोषणा के साथ ही त्वरित सुचारू कार्यान्वयन करने के फलस्वरूप उत्साहवर्धक परिणाम देशव्यापी दृष्टिगोचर हो रहे हैं ।

Amrut Plus Yojana अमृत प्लस योजना

‪‎प्रधानमंत्री ‪‎”अमृत प्लस ‪‎योजना” का पूर्ण नाम “अटल नवीनीकरण व शहरी परिवर्तन अभियान” (Atal Mission for Rejuvenation & Urban Transformation) है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 25 जून 2015 में बहु-आयामी अमृत प्लस योजना का लोकार्पण किया था।

अवसंरचना सृजन (इंफ्रास्ट्रक्चर जेनेरेशन) का सभी परिवारों को जल और शौचालय कनेक्शन की सुलभता जैसी लोगों की वास्तविक आवश्यकताओं पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ेगा ।
इसका तात्पर्य यह है कि अवसंरचना सृजन पर मुख्य बल हो जो लोगों को बेहतर सेवाएं मुहैया करने से सीधे तौर पर जुडा हुआ है जिसका भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति द्वारा तिथि 09 जून 2014 तथा 23 फरवरी 2015 को संसद के संयुक्त सत्र के अपने अभिभाषण में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था ।

अटल नवीनीकरण व शहरी परिवर्तन अभियान” अमृत प्लस योजना का लक्ष्य:

अटल नवीनीकरण व शहरी परिवर्तन अभियान” (अमृत) प्लस योजना राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में सभी छोटे व ग्रामीण क्षेत्रों में जनों को क्षारकीय सेवाएं (Basic Services) (अर्थात् जलापूर्ति, सीवरेज, शहरी परिवहन इत्यादि) सुलभ कराने और आधारभूत सुख-सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अवसंरचना का सृजन (Infrastructure Generation) करना है, जिससे विशेषतया निर्धन तथा वंचित नागरिकों के जीवन स्तर में श्रेष्ठतर सुधार होवे ।

सतत श्रेष्ठतर परिणामों का प्रयास सभी को नल और सीवरेज कनैक्शन (सभी को शामिल करते हुए) प्रदान करने में नहीं थमेगा । सभी को सेवाएं प्रदान करने के बेंचमार्क का लक्ष्य प्राप्त करने के बाद क्रम दर क्रम प्रकिया का अनुसरण करके अन्य बेंचमार्क का लक्ष्य बनाया जायेगा । बेंचमार्क प्राप्त करने की ऐसी उत्तरोत्तर प्रक्रिया को उत्तरोत्तर वृद्धि प्रक्रिया में सेवा स्तरीय बेंचमार्क राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुसार शनैः-शनैः प्राप्त किये जाते हैं । नगरीय परिवहन के क्षेत्र में, बैंचमार्क का उद्देश्य निर्माण करते समय नगरीय क्षेत्रों में प्रदूषण को कम करना है एवं वर्षा जल निकासी की अनुरक्षण मूल्य कम किए जाने के साथ अंततः नगरों में बाढ़ की समस्या को समाप्त करता है जिससे शहरों को अधिक लचीला बनाया जा सका है ।

अटल नवीनीकरण व शहरी परिवर्तन अभियान” – सुधार के लिए प्रोत्साहन:

अटल नवीनीकरण व शहरी परिवर्तन अभियान” (Atal Mission for Rejuvenation & Urban Transformation) का प्रमुख उद्देश्य सुधारों के माध्यम से शासन-विधि में सुधार लाना है । अमृत महाअभियान के समयावधि में 11 सुधार-कार्यों का कार्यान्वयन किया जा रहा है ।

ग्रामीण क्षेत्रों में सुधार और 500 शहरों में नागरिक सुविधाएं मुहैया करने की प्रधानमंत्री मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “अटल मिशन फॉर रिजॉल्यूशन ऐंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन” (अमृत) प्लस स्कीम पहल के माध्यम से मार्च 2020 तक देश में नागरिकों के 01) 1.39 करोड़ वाटर कनेक्शन, 02) बेहतर सीवरेज, 03) स्टॉर्म जल निकासी परियोजना, 04) पार्क तथा हरियाली के साथ 05) एलईडी स्ट्रीटलाइट प्रदान करने का प्रावधान है । अमृत प्लस योजना का समग्र मूल्य ₹77,640 करोड़ निर्धारित की गई थी, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से ₹35,990 करोड़ रुपये के योगदान का प्रावधान है ।

Amrut Plus Yojana अमृत प्लस योजना के अंतर्गत प्रमुख क्षेत्र::

इस अमृत प्लस योजना के अंतर्गत पांच प्रमुख क्षेत्र हैं, जहां पहली प्राथमिकता वाटर कनेक्शन और जल आपूर्ति क्षमता में बढ़ोतरी है। इस परियोजना का करीब 50 प्रतिशत व्यय जलापूर्ति (Water Supply) वाले क्षेत्र के लिए आवंटित किया गया है। अब तक ₹112 करोड़ मूल्य के 42 परियोजनाएं (प्रॉजेक्ट्स) को निष्पादित किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार अमृत प्लस योजना की प्रगति (Progress) पोर्टल, वीडियो कॉन्फ्रेसिंग तथा फील्ड विजिट के माध्यम से सतत आवेक्षण (Constant Surveillance) कर रही है। इसके साथ ही मंत्रालय ने अमृत प्लस योजना के अंतर्गत आने वाली सभी परियोजनाओं की सैटेलाइट के जरिए निरीक्षण अनिवार्य कर दिया है ।

अतः अटल नवीनीकरण और नगरीय परिवर्तन अभियान – अमृत के मुख्य उद्देश्य:

i) यह सुनिश्चित करना कि प्रत्येक परिवार को निश्चित जलापूर्ति (Water Supply) और वाहित मल कड़ी (स्युऐज अथवा सीवेज कनैक्शन) (Sewage Connections) सहित नल सुलभ हो;
ii) हरित क्षेत्र और सुव्यवस्थित खुले मैदान (अर्थात पार्क) विकसित करके शहरों की भव्यता में वृद्धि करना और
iii) गैर-मोटरीकृत परिवहन (पैदल चलना तथा द्विचक्रिका अथवा बाइसिकल का प्रयोग करना) के लिए सुविधाओं के निर्माण अथवा सार्वजनिक परिवहन को अपनाकर प्रदूषण को कम करना ।

ये सभी परिणाम नागरिकों विशेषतया महिलाओं के लिए महत्ता रखते हैं और शहरी विकास मंत्रालय द्वारा सेवा स्तरीय तलचिह्न निर्देश स्टेट लेवल बैंचमार्क (एसएलबी) के रूप में संकेतक और मानक निर्धारित किये गये हैं ।

तथापि श्रेष्ठतर परिणामों का प्रयास सुनिश्चित करने हेतु समस्त नगरीय वासियों को नल और सीवेज कनैक्शन (सभी को शामिल करते हुए) प्रदान किए जा रहे हैं । सभी को सेवाएं प्रदान करने के बेंचमार्क का लक्ष्य प्राप्त करने के बाद क्रम दर क्रम प्रकिया का अनुसरण करके अन्य निर्देश तलचिह्न (Benchmarks) का लक्ष्य बनाया जायेगा । Benchmark प्राप्त करने की ऐसी उत्तरोत्तर प्रक्रिया को उत्तरोत्तर वृद्धि प्रक्रिया में सेवा स्तरीय निर्देश तलचिह्न (State Level Benchmarks) राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुसार धीरे-धीरे प्राप्त किये जा रहे हैं । नगरीय परिवहन के क्षेत्र में, निर्देश तलचिह्न अथवा न्यूनतम मानदंड (बैंचमार्क) का उद्देश्य निर्माण करते समय शहरों में प्रदूषण को कम करना है और वर्षा जल निकासी की अनुरक्षण लागत कम होने की आशा है तथा अंततः नगरों में बाढ़ की समस्या को समाप्त करता है जिससे शहरों को अधिक लचीला बनाया गया है।

अटल मिसन फॉर रिजॉल्यूशन ऐंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) प्लस स्कीम – प्रमुख क्षेत्र:

अटल नवीनीकरण और नगरीय परिवर्तन अभियान में निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा:

01) जलापूर्ति
02) सीवेज सुविधाएँ और सेप्टिक प्रबंधन
03) बाढ़ को कम करने के लिए वर्षा जल नाले
04) पथ मार्ग, गैर-मोटरीकृत और सार्वजनिक परिवहन सुविधाएँ, पार्किंग स्थल
05) विशेषतः बच्चों के लिए हरित स्थलों और पार्कों और मनोरंजन केन्द्रों का निर्माण और उन्नयन करके शहरों की भव्यता बढ़ाना ।

अटल नवीनीकरण और नगरीय परिवर्तन अभियान – क्षेत्र:

अटल नवीनीकरण और नगरीय परिवर्तन अभियान (अमृत प्लस योजना) के अंतर्गत पांच सौ से अधिक नगर / शहर शामिल हैं । केंद्र सरकार की ओर से नगरों के विषय में अधिसूचना समय-समय पर जाती की जाती हैं । उन अमृत प्लस योजना जे अंतर्गत निम्न समावेशित हैं:

01) छावनी बोर्ड (कैंटोन्मेंट एरियाज) सहित अधिसूचित नगरपालिकाओं सहित एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले सभी नगर तथा छोटे शहर ।
02) अमृत प्लस योजना में शामिल नहीं किये गए सभी राजधानी शहर / राज्यों के कस्बे / संघ राज्य क्षेत्र
हृदय स्कीम के अंतर्गत शहरी विकास मंत्रालय के द्वारा विरासत शहरों के रूप में वर्गीकृत सभी नगर / शहर / कस्बे, 75000 से अधिक और 1 लाख से कम जनसंख्या वाले 13 शहरों और कस्बों जो मुख्य नदियों के किनारे पर हैं और,पर्वतीय राज्यों, द्वीप समूहों और पर्यटन स्थलों से दस शहर (प्रत्येक राज्य) से एक से अधिक शहर नहीं)

अटल नवीनीकरण और नगरीय परिवर्तन अभियान – घटक:

अम्रत के घटकों में क्षमता निर्माण, सुधार कार्यान्वयन, जलापूर्ति, सीवेज और सेप्टिक प्रबधन, वर्षा जल निकासी, शहरी परिवहन हरित स्थल और पार्क शामिल हैं । आयोजन के दौरान, शहरी स्थानीय निकायों को भौतिक अवसंरचना घटकों में कुछ स्मार्ट विशेषताओं को शामिल करने का प्रयास करना होगा । मिसन घटकों का विवरण नीचे दिया गया है:

जलापूर्ति:
01) मौजूदा जलापूर्ति में वृद्धि करने जल शोधन संयंत्रों तथा सभी स्थानों पर मीटर लगाने सहित वर्षा जल आपूर्ति प्रणाली;
02) शोधन संयंत्रों सहित पुरानी जलापूर्ति प्रणालियों का पुनर्स्थापन;
03) विशेषतया पेयजल आपूर्ति और भूमिगत जल पुनःभरन के लिए जलाशयों क पुनरुद्धार;
04) उन क्षेत्रों सहित जिनमें जल की गुणवत्ता सम्बन्धी समस्याएँ है (उदाहणार्थ आरसेनिक, फ्लोराइड) दुर्गम क्षेत्रों, पहाड़ी और तटीय शहरों के लिए विशेष जलापूर्ति प्रबंधन ।

सीवेज:
01) वर्तमान सीवेज प्रणालियों और सीवेज रिफायनरीज (वाहित मल शोधन संयंत्रों) के संवर्द्धन सहित विकेंद्रीकृत, तंत्रबद्ध भूमिगत सीवेज प्रणालियाँ
02) पुरानी सीवरेज प्रणालियों और शोधन संयंत्रों का पुनर्स्थापन
03) लाभकारी प्रयोजनों के लिए जल का पुनचक्रण और अपशिष्ट जल का पुनः उपयोग

सेनिटरी:
01) मल गाद प्रबंधन-कम लागत पर सफाई, परिवहन तथा शोधन ।
02) सीवर और सेप्टिक टैंकों की यांत्रिकी और जैविक सफाई और प्रचालन की पूरी लागत वसूली ।

वर्षाजल निकासी:
01) विप्लाव को कम करने और समाप्त करने के उद्देश्यों से नालों और वर्षा जल नालों का निर्माण और सुधार ।

नगरीय परिवहन :

01) अंतर्देशीय जल मार्ग (पोत / खाड़ी अवसंरचना के छोड़कर) के लिए जलयान और बस ।
02) गैर मोटरीकृत परिवहन (जैसे साईकिलों) के लिए फुटपाथ / पथ, पटरी, फुट ओवरब्रिज ।
03) बहुस्तरीय पड़ाव (मल्टीलेवल पार्किंग)।
04) द्रुत बस परिवहन प्रणाली अथवा बस रैपिड ट्रांस्पोर्ट सिस्टम (बीआरटीएस) ।

हरित स्थल और पार्क:
बच्चा हितैषी घटकों के लिए विशेष प्रावधान के साथ हरित स्थल और उद्यानों का निर्माण करना ।

सुधार प्रबंधन और सहायता:
01) सुधार कार्यान्वयन के लिए सहायता संरचना, कार्यकलाप और वित्तपोषण सहायता
02) स्वतंत्र सुधार मोनिटरिंग एजेंसियां
03) क्षमता निर्माण

इसके दो घटक हैं – व्यक्तिगत और सांस्थानिक क्षमता निर्माण:

सरकारी योजनाओ की जानकारी के लिए सब्सक्राइब करे।

क्षमता निर्माण अभियान नगरों तक सीमित नहीं हैं अपितु अन्य नगरी अन्य शहरी स्थानीय निकायों तक भी इसका विस्तार किया जा रहा है।

Amrut Plus Yojana

Website of the Department- www.amrut.gov.in

राज्‍य सरकार की योजनाएं -  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *