Yojana Pedia

Sarkari Yojana, State Government Schemes

Bihar Antarjatiya Vivah Yojana Online Application Form ~ Inter Caste Marriage Last Date Apply

ihar Antarjatiya Vivah Yojana
राज्‍य सरकार की योजनाएं -  

Bihar Antarjatiya Vivah Yojana Online Application Form ~ Inter Caste Marriage Last Date Apply बिहार अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना

बिहार प्रदेश अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना – उद्देश्य:- बिहार प्रदेश में अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन (Inter-Caste Marriage Incentive) का तात्पर्य जाति-प्रथा उन्मूलन व यौतक (दहेज) परंपरा को हतोत्साहित करना है । बिहार अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना 2019 (Inter-Caste Marriage Incentive Scheme 2019) के लिए युवक व युवतियाँ नवंबर 2019 में बिहार प्रदेश सरकार द्वारा इस विषय में अधिसूचना के पश्चात आवेदन कर सकेंगे । बिहार अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन व्यवस्था के अंतर्गत दोनों युवक तथा युवतियों को केंद्र सरकार / बिहार प्रदेश द्वारा अनिवार्य निबंधन तथा अवस्थाएं (नियम) पूर्ण करने की आवश्यकता होती है ।

Bihar Antarjatiya Vivah Yojana

अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना – धनराशि:

भारत सरकार के केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत संचालित डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर प्रतिष्ठान की ओर से अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन राशि दी जाती है । केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय के तत्त्वाधान में डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर फाउंडेशन, अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन व्यवस्था का सुचारू कार्यान्यवयन सुनिश्चित करता है । डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर अंतर्जातीय विवाह करने वाले वर वधु को ₹ 2,50,000 (₹ दो लाख पचास हजार) प्रोत्साहन के रूप में प्रदान करता है । अंतर्जातीय विवाह व्यवस्था अंतर्गत नवविवाहित युगल को ₹ 1,50,000 (₹ एक लाख पचास हजार) तुरंत दिए जाने तथा ₹ 1.00 लाख (₹ एक लाख) तीन वर्ष के फिक्स्ड डिपाजिट के रूप में प्रावधान है। अंतर्जातीय विवाह हेतु आवेदन जनपद अधिकारी को डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर प्रतिष्ठान तक अग्रसारित किया जाना अनिवार्य है।

जहाँ केंद्र सरकार अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन व्यवस्था के अंतर्गत नवविवाहित युगल को ₹ 1,50,000 (₹ एक लाख पचास हजार) देती है, वहीँ विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत राज्य सरकार नवविवाहित युगल को ₹ 1,00,000 (₹ एक लाख हजार) देती है, वहीँ राज्य सरकार की ओर से ₹ एक लाख दिए जाते हैं ।

अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना – उद्देश्य:

अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना का प्रमुख उद्देश्य स्त्रियों को सबल बनाना है । समाज में जाति प्रथा का उन्मूलन तथा यौतक (दहेज) प्रथा को हतोत्साहित करने तथा मानवता में छुआछूत की भावना अंत करने के उद्देश्य से बिहार प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना आरम्भ किया था । अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत महिला को प्रोत्साहित करना है।

बिहार प्रदेश में अंतर्जातीय विवाह करने वाली महिला को आर्थिक दृष्टि से सबल बनाने के लिए विवाह संपन्न होने के तीन माह के भीतर संबंधित वधू के नाम अधिकतम लाभ देने वाले राष्ट्रीयकृत बैंक में संचित / प्रस्तुत प्रमाणपत्र के माध्यम से ₹ एक लाख का संदाय किया जाता है । इस धनराशि को तीन वर्ष के बाद ही निकला जा सकता है ।

अंतर्जातीय विवाह करनेवाली महिलाओं को आर्थिक दृष्टिकोण से सबल बनाने के लिए अंतर्जातीय विवाह योजना का कार्यान्वयन किया गया है । इसमें नवविवाहित दंपती में से किसी एक का बिहार का निवासी होना आवश्यक है। कोई भी ऐसी महिला, जिसने दूसरी जाति के युवक संग विवाह किया हो उसे विवाह उपरांत एक वर्ष के भीतर इस लाभ के लिए जिला स्तर पर सहायक निदेशक बाल संरक्षण के यहां आवेदन करना होगा.
अंतर्जातीय विवाह करने वाली महिला को आर्थिक दृष्टि से सबल बनाने के लिए विवाह संपन्न होने के तीन माह के भीतर संबंधित वधू के नाम अधिकतम लाभ देने वाले राष्ट्रीयकृत बैंक में संचित / प्रस्तुत प्रमाणपत्र के माध्यम से ₹ एक लाख रुपये का संदाय किया जाता है । इस राशि को तीन वर्ष के पश्चात् ही निकाला जा सकता है ।

Bihar Antarjatiya Vivah Yojana अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन व्यवस्था – विशिष्ट केंद्रबिंदु:

अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत वहीं युवक व युवती दोनों में से किसी एक के अनुसूचित जाति (एससी) अथवा या अनुसूचित जनजाति (एसटी) होने की स्थिति में डॉ. भीमराव अंबेडकर स्कीम फॉर सोशल इंटरीग्रेशन थ्रू इंटरकास्ट मैरिज के तहत 2.50 लाख दिये जाएंगे। यह प्रोत्साहन राशि हर आय वर्ग के युगल को मिलेगा। हिन्दू मैरिज एक्ट के तहत शादी करने वाले युगल को यह राशि एक साल के अंदर आवेदन करने पर मिलेगा। बिहार के मामले में लड़का जिस जिले का निवासी है, वहां आवेदन करना होगा। लड़का के बिहार से बाहर के होने पर लड़की के जिले में आवेदन करना होगा।

अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना हेतु सामाजिक सुरक्षा विभाग बना नोडल एजेंसी है । पूर्व समय में समाज कल्याण विभाग अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन करता था । जिसे बाल संरक्षण इकाई में समाहित किया गया। लेकिन अब इसे सामाजिक सुरक्षा विभाग संचालित करने का निर्णय लिया गया है।

अंतर्जातीय विवाह के माध्यम से सामाजिक एकता के लिए योजना (The Scheme For Social Integration Through Inter-Caste Marriage) (स्कीम फॉर सोशल इंटरीग्रेशन थ्रू इंटरकास्ट मैरिज) के अनुसार नवविवाहित युगल में किसी एक को एक व्यक्ति को अनुसूचित जाति का होना चाहिए और अन्य हिंदू उच्च जाति होना चाहिए।

अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन व्यवस्था के अंतर्गत इंटर-कास्ट मैरिज को प्रोत्साहन देने के सन्दर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार (1.0) (प्रथम कार्यकाल 2014 -19) ने ₹ 5.00 लाख (₹ पांच लाख) वार्षिक आय की अधिकतम सीमा को समाप्त कर दिया है । केंद्र सरकार के इस निर्णय से अंतर्जातीय विवाह करने वाले सभी आय वर्ग के लोगों को डॉ. अंबेडकर स्कीम फॉर सोशल इंटीग्रेशन थ्रू इंटरकास्ट मैरिज’ योजना का लाभ मिल सकेगा ।

अंतर्जातीय विवाह के माध्यम से सामाजिक एकता के लिए योजना (स्कीम फॉर सोशल इंटरीग्रेशन थ्रू इंटरकास्ट मैरिज) (The Scheme For Social Integration Through Inter-Caste Marriage) में संसोधन के पश्चात इस योजना के अंतर्गत विवाह करने वाले युगल को इस योजना का लाभ पहले ₹ 5.00 लाख से कम वार्षिक आय वाले जोड़े को ही मिलता था ।

स्कीम फॉर सोशल इंटरीग्रेशन थ्रू इंटरकास्ट मैरिज – विशिष्ट निबंधन व नियम:

बिहार अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना – पात्रता:

बिहार अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत आवेदन हेतु युवक व युवती द्वारा निम्नोल्लेखित पात्रता पूर्ण करना अनिवार्य हैं जिसके सन्दर्भ में अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत निम्नोल्लेखित बिन्दु महत्त्वपूर्ण है:

01) कि विवाह करने वाले युगल का प्रथम विवाह होना चाहिए ।
02) कि नवविवाहित को ‘हिंदू मैरिज एक्ट’ के तहत पंजीयन होना चाहिए ।
03) कि अंतर्जातीय विवाह योजना का लाभ लेने के लिए युगल को अपने विवाह के 01 वर्ष के एक साल के भीतर ही इसका प्रस्ताव सरकार के पास सौंपना होगा ।
04) केंद्र सरकार सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा इस संबंध में निर्गत नवीन अधिसूचना के अनुसार नवविवाहित दमपति को आधार कार्ड नंबर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा ।
05) नवविवाहित युगल द्वारा अपने आधार कार्ड नंबर तथा आधारबद्ध (आधार-लिंक्ड) अधिकोष लेखा (बैंक अकाउंट) भी देना होगा ।
06) बिहार प्रदेश के विषय में विवाहित युवक जिस भी जनपद का निवासी है, उसे वहीँ आवेदन करना होगा । युवक के बिहार से बाहर के होने पर विवाहिता जीवनसाथी के जनपद में आवेदन करना होगा।

सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय, केंद्र सरकार अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत लाभग्राही:

निम्नलिखित प्रमाण प्रस्तुत किए जाने आवश्यक हैं:

01) आवेदक का जन्म प्रमाणपत्र ।
02) आवास प्रमाणपत्र ।
03) जाति प्रमाणपत्र ।
04) विवाह निबंधन प्रमाणपत्र ।
05) विवाह निबंधन प्रमाणपत्र की आवश्यकता यह विवाहोपरांत राशि लेने के लिए आवेदक द्वारा विवाह के एक वर्ष के भीतर आवेदन करना पड़ता है । स्मरण रहे कि अधिकतर मामलों में प्रमाणपत्र नहीं होने के कारण लोग लाभ से वंचित हो जाते हैं ।

Bihar Antarjatiya Vivah Yojana

सरकारी योजनाओ की जानकारी के लिए सब्सक्राइब करे।

बिहार समाज कल्याण विभाग वेबसाइट www.socialwelfare.bih.nic.in/ में आगमन करें ।
बिहार अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना 2019 के सन्दर्भ में बिहार समाज कल्याण विभाग वेबसाइट ऑनलाइन आवेदन करें ।

राज्‍य सरकार की योजनाएं -  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *