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PM AASHA Yojana
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PM AASHA Yojana Application Form Last Date Apply Benefits पीएम अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) समग्र योजना (अम्ब्रेला स्कीम)

भारत देश के महामहिम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार (1.0) (प्रथम कार्यकाल) की समयावधि 2018 अधिसूचना पत्र तिथि 12 सितम्बर 2018 (भारतीय मानक समय 18:57) में मंत्रिमंडल ने नई समग्र योजना ‘प्रधानमंत्री अन्‍नदाता आय संरक्षण अभियान’ (PM AASHA Yojana) को स्वीकृति प्रदान कर दी । प्रधानमंत्री अन्‍नदाता आय संरक्षण अभियान’ (पीएम-आशा) के घोषणा उपरान्त कार्यान्यवयन का प्रमुख उद्देश्य देश के कृषक समाज को राष्ट्र की अर्थव्यवस्था का अपरित्याज्य आधार / अपरिहार्य रीढ़ की हड्डी मानते हुए कृषकों के जीवनस्तर में आय-वृद्धि के परिणामस्वरूप समृद्धि लाना है।

PM AASHA Yojana Application Form

पीएम-आशा के अंतर्गत भारतवर्ष के समस्त कृषकों को न्यूनतनम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price – MSP) अथवा एमएसपी संबंधी आश्‍वासन सन्देश दिया गया कि ‘अन्‍नदाता’ कृषक वर्ग के प्रति उनके केंद्र सरकार की कटिबद्धता का एक प्रतिबिम्‍ब है ।

इसके अतिरिक्त, कई अन्‍य कृषक-अनुकूल प्रथम कार्यवाही (पहलकदमी) की गई हैं । जिनमें 01) प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, 02) प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना एवं 03) परंपरागत कृषि विकास योजना का क्रियान्‍वयन करना तथा मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्डों का वितरण करना भी शामिल हैं। कृषि उत्पाद के मूल्य के डेढ़ गुने के फॉर्मूले के आधार पर न्‍यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा करने का असाधारण निर्णय भी किसानों के कल्‍याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को प्रतिबिम्‍बित करता है।

संक्षेपण पीएम अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) वृहत् व पूर्णतः

(The Prime Minister Food Provider Income Conservation Mission) का दो प्रमुख उद्देश्य है कि

01) देश के कृषकों के लिए उनके वर्तमान आय की तुलना में वर्ष 2022 तक दो-गुना आय वृद्धि सुनिश्चित करना ।
02) कृषकों को उनकी कृषि उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करना ।

पीएम आशा समग्र योजना के दृष्टिगोचर आशानुकूल उत्साहवर्द्धक परिणाम:

अति महत्त्वपूर्ण – ऐसा माना जाता है की खाड़ी देश सऊदी अरब जैसे देश से भारतीय कृषकों के फसल उत्पादों के ऑनलाइन क्रय करने हेतु मांग उठ चुकी है ।

पीएम – आशा समग्र योजना (PM AASHA Yojana) का उद्देश्य:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रथम कार्यकाल केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा पूर्णतया नवीन समग्र योजना “प्रधानमंत्री अन्‍न्‍दाता आय संरक्षण अभियान” (पीएम – आशा) को स्वीकार किया जाना कृषकों के हित में कल्याणकारी कार्य है । पीएम आशा समग्र योजना का उद्देश्य भारतदेश के समुच्चय कृषकों को उनकी उपज के लिए उचित मूल्य (न्यूनतम समर्थन मूल्य) दिलाना है, जिसकी घोषणा वर्ष 2018 के केन्‍द्रीय आयव्ययक में (Union Budget) में की गई थी ।

पीएम-आशा समग्र योजना का प्रमुख उद्देश्य कृषकों की आय के संरक्षण की दिशा में भारत सरकार द्वारा उठाया गया एक असाधारण परिमाण माना जाता है । पीएम-आशा समग्र योजना से देश के कृषकों के कल्‍याण में संभवतया अधिक से अधिक सुविधा की वृद्धि होने होना सुनिश्चित है । केंद्र सरकार कृषकों के फसल उत्‍पादन मूल्य का डेढ़ गुना तय करने के सिद्धांत पर चलते हुए खरीफ फसलों के न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍यों (एमएसपी) में पहले ही वृद्धि कर चुकी है। पीएम-आशा समग्र योजना के कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि के फलस्वरूप राज्‍य सरकारों के सहयोग से क्रय-व्‍यवस्‍था (Purchase Management) को अधिक प्रोत्साहन मिलेगा जिससे कृषकों की आय में निरंतर सुनिश्चित वृद्धि होगी।

PM AASHA Yojana पीएम-आशा’ के घटक:

नई समग्र योजना में किसानों के लिए उचित मूल्‍य सुनिश्चित करने की व्‍यवस्‍था शामिल है और इसके अंतर्गत निम्‍नलिखित घटक समाहित हैं:

01) मूल्‍य समर्थन योजना (मूसयो) / (Price Support Scheme) (पीएसएस) ।
02) मूल्‍य न्‍यूनता भुगतान योजना (मून्‍भुयो) (Price Decrease Payment System) (पीडीपीएस) ।
03) वैयक्तिक क्रय एवं थोक व्यापारी प्रायोगिक योजना / निजी खरीद एवं स्‍टॉकिस्‍ट पायलट स्कीम (Private Purchase And Stockist Pilot Scheme) (पीपीपीएस) ।

केंद्र सरकार की पीएम आशा समग्र योजना जैसा कि ज्ञात है: धान, गेहूं एवं पोषक अनाजों / मोटे अनाजों की खरीद के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (डीएफपीडी) की अन्‍य वर्तमान योजनाओं के साथ-साथ कपास एवं जूट की खरीद के लिए कपड़ा मंत्रालय की अन्‍य वर्तमान योजनाएं भी निरंतर बनी / जारी रहेंगी, ताकि कृषकों को इन फसल उत्पादों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित की जा सके।

प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल ने पीएम अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (आशा) समग्र योजना यह भी निर्णय लिया था कि क्रय परिचालन में निजी क्षेत्र की भागीदारी भी प्रायोगिक तौर पर सुनिश्चित करने की जरूरत है, ताकि इस दौरान मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर क्रय परिचालन में व्यक्तिगत क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाई जा सके। यह पीडीपीएस के अतिरिक्‍त है।

केंद्र सरकार ने तिलहन (Oilseeds) के विषय में यह निर्णय लिया गया है कि राज्‍यों के पास यह विकल्‍प रहेगा कि वे चुनिंदा जनपद / जिले की एपीएमसी में प्रायोगिक आधार पर व्यक्तिगत क्रय थोक विक्रेता योजना प्रणाली / निजी खरीद स्‍टॉकिस्‍ट योजना (Private Purchase Stockist Scheme) (पीपीएसएस) आरम्भ कर सकते हैं जिसमें व्यक्तिगत सटोरिये (थोक व्यापारी) अथवा (Private Stockists) प्राइवेट स्टॉकिस्ट्स की भागीदारी होगी। प्रायोगिक आधार पर चयनित जनपद / जनपद की चयनित एपीएमसी तिलहन की ऐसी एक अथवा उससे अधिक फसल को कवर करेगी जिसके लिए एमएसपी को अधिसूचित किया जा चुका है। चूंकि यह योजना अधिसूचित जिन्‍स की भौतिक खरीदारी की दृष्टि से पीएसएस से काफी मिलती-जुलती है, इसलिए यह प्रायोगिक आधार पर चयनित जिलों में पीएसएस / पीडीपीएस को प्रतिस्‍थापित करेगी।

जब भी बाजार में कीमतें अधिसूचित एमएसपी से नीचे आ जाएंगी तो चयनित निजी एजेंसी पीपीएसएस से जुड़े दिशा-निर्देशों को ध्‍यान में रखते हुए पंजीकृत कृषकों से अधिसूचित अवधि के दौरान अधिसूचित बाजारों में एमएसपी पर जिन्‍स का क्रय करेगी। जब भी निजी चयनित एजेंसी को बाजार में उतरने के लिए राज्‍य / केन्‍द्र शासित प्रदेश की सरकार द्वारा अधिकृत किया जायेगा तथा अधिसूचित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के 15 प्रतिशत तक अधिकतम सेवा शुल्‍क देय होगा, तो ठीक यही व्‍यवस्‍था अमल में लायी जायेगी ।

सरकार की कृषक-अनुकूल प्रथम कार्यवाही – जैसा कि ज्ञात है:

PM AASHA Yojana पीएम आशा समग्र योजना – एक लक्ष्य:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार कृषकों की वर्तमान आय की तुलना में वर्ष 2022 तक देशव्यापी कृषकों की आय दोगुना (दुगना) करने के दूरदर्शिता (विजन) को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम आशा – समग्र योजना के अंतर्गत कृषि उत्‍पादकता में वृद्धि, कृषि मूल्य / खेती की लागत घटाने व बाजार ढांचे सहित फसल कटाई उपरांत प्रबंधन को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने अनेक बाजार सुधारों को लागू किया गया है। इनमें मॉडल कृषि उपज एवं पशुधन विपणन अधिनियम 2017 और मॉडल अनुबंध खेती एवं सेवा अधिनियम 2018 भी शामिल हैं। अनेक राज्‍यों ने नियम के माध्यम से इन्‍हें अपनाने के लिए आवश्‍यक कदम उठाये हैं।

पीएम आशा समग्र योजना – प्रयास – क्रय व संपर्क :

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केंद्र सरकार कृषकों के हितों की रक्षा हेतु एक नया बाजार ढांचा स्‍थापित करने के लिए भी सतत प्रयासरत रही है जिसमें यह सुनिश्चित किया जाना है कि देश में समग्र कृषकों को उनकी उपज के उचित या लाभकारी मूल्‍य दिलाये जा सकें। इनमें ग्रामीण कृषि बाजारों (ग्राम) की स्‍थापना करना भी शामिल है, ताकि खेतों के काफी निकट ही 22,000 खुदरा बाजारों को प्रोत्‍साहित किया जा सके। इसी तरह ई-नाम के जरिए एपीएमसी पर प्रतिस्‍पर्धी एवं पारदर्शी थोक व्‍यापार सुनिश्चित करना और एक सुव्‍यवस्थित एवं किसान अनुकूल निर्यात नीति तैयार करना भी इन प्रयासों में शामिल हैं।

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