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Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana~ PM मत्स्य सम्पदा योजना

PM Matsya Sampada Yojana details
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Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana~ PM मत्स्य सम्पदा योजना

भारत देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सरकार २.० (द्वितीय) में वर्तमान पदस्थ (Incumbent)/केंद्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने ०५ जुलाई २०१९ (05.07.2019) में राष्ट्र का पूर्णकालिक बड्जेट २०१९ (Budget 2019) संसद में प्रस्तुत कर दिया । बड्जेट – 2019 के विभिन्न क्षेत्र केंद्र-बिंदुओं में एक महत्त्वपूर्ण बिंदु ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ (पीएमएमएसवई) अथवा द प्राइम मिनिस्टर फिश एस्टेट स्कीम (पीएमएफईएस) पर विशेष महत्त्व दिया। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ (Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana) अथवा द प्राइम मिनिस्टर फिश एस्टेट स्कीम (पीएमएफईएस) के महत्व पर देते हुए संसद में राष्ट्र का ध्यान प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना [द प्राइम मिनिस्टर फिश एस्टेट स्कीम – (प्रमंमसंयो)] आकर्षित करते हुए ग्रामीण, आदिवासी, समुद्रीय क्षेत्रों में संलग्न माहीगीर (Fishermen) के बहु-उद्देशीय विकास बिंदु को मत्स्यपालन के देश के सकल घरेलू उत्पादन व कृषि का सकल उत्पादन में योगदान, तथा प्रधानमंत्री मोदी 2.0 सरकार का मत्यपालन क्षेत्र में धीवरों (Fisher-Men) में सर्वागीण विकास कार्य की रूप को रेखाङ्कित किया ।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana) – विकास स्तंभ:

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ (प्रमंमसंयो) (The Prime Minister Fish Estate Scheme) (PMFES) को एक देश तथा उत्तर प्रदेश के एकीकृत विकास का अंग बनाने हेतु उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने एक पग आगे अग्रसर होते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 2.0 के उद्घोष “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” को चरितार्थ करने की दिशा में दिनांक 02 जुलाई से 31 जुलाई 2019 के समयावधि में राज्य में समस्त कृषकों के साथ मत्स्यपालन एवं पशुपालन (अर्थात कृषक यदि पशुपालन, मत्स्यपालन अथवा दोनों प्रकार के काम करते हैं), को उत्तर प्रदेश किसान क्रेडिट कार्ड योजना (यूपीकेसीसीवाई) (Uttar Pradesh Farmer Credit Card Scheme) (UPFCCS) प्रदान करने हेतु राज्य-व्यापी कार्यक्रम अभियान प्रारम्भ कर दिया है

उत्तर प्रदेश किसान क्रेडिट कार्ड योजना (उप्रकिक्रेकायो) (यूपीकेसीसीवाई) (Uttar Pradesh Farmer Credit Card Scheme) (UPFCCS) – प्रमुख बिंदु:

भारत देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा उदगार किए गए नए शब्दघोष “सबका साथ, सबका विकास, सबका विशवास’ को सम्मान प्रदान करने तथा उसे साकार करने के प्रमुख उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के समस्त कृषकों के भावी कल्याण के हित को ध्यान में रखते हुए प्रदेश-व्यापी एक नई पहल करते हुए प्रगतिशील उत्तर प्रदेश में सभी कृषकों को उत्तर प्रदेश किसान क्रेडिट कार्ड योजना (उप्रकिक्रेकायो) (यूपीकेसीसीवाई) उपलब्ध कराने का ‘श्रीगणेश’ वर्तमान दिवस ०२ जुलाई से कर दिया है जो निरन्तराल (बिना किसी अवकाश) ३१ जुलाई २०१९ तक क्रियमाण रहेगा ।

Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana कृषक क्रेडिट कार्ड की समय ऋण राशि तथा देय सूद सीमा:

पूर्व समय से कृषि कर रहे कृषक यदि पशुपालन, मत्स्यपालन अथवा दोनों प्रकार के काम कर रहे हों, उस स्थिति में उनके लिए दोनों पशुपालन, मत्स्यपालन का काम करते रहने हेतु, अतिरिक्त ऋण सीमा निर्धारित की जावेगी तथा यह ऋण सीमा कृषक क्रेडिट कार्ड की कुल अधिकतम सीमा ₹ ३.०० लाख (₹ तीन लाख) के अंतर्गत शामिल होगी ।

किसान क्रेडिट कार्ड के अंतर्गत लिए हुए ऋण पर कुल 07% (सात प्रतिशत) पर सूद दर निर्धारित है ।
सबसे महत्त्वपूर्ण कि उन सब कृषकों द्वारा समय रहते ऋण-राशि के धन-वापसी / क़र्ज़ अदायगी किये जाने की स्थिति में 03% (तीन प्रतिशत) का सूद (व्याज) लाभ भी दिया जावेगा ।

खेतिहर कृषकों के सामान मत्स्यपालन और पशुपालन करने वालों को भी किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा प्रदान की जावेगी । इसके लिए ऋण की अधिकतम राशि सीमा ₹ २.०० लाख / ₹ 2,00,000.00 (₹ दो लाख) रहेगी ।

यहां पर भी वो सब मत्स्यपालन और पशुपालन करने वालों को भी किसानों के समान समय अवधि के भीतर ऋण-राशि के धन-वापसी / क़र्ज़ अदायगी किये जाने की स्थिति में ०३% (तीन प्रतिशत) का सूद (व्याज) लाभ / फ़ायदा भी दिया जावेगा ।

उप्र किसान क्रेडिट का विशेष बिन्दु महत्त्व:

यदि मत्स्यपालन और पशुपालन करने वाले यदि कृषि भूमिहीन हों, तो ऐसे सभी ग्रामवासियों को भी किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किये जायेंगे ।

केंद्रीय वित्तमंत्री ने देश की संसद में “प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना” (प्रमंमसंयो) [द प्राइम मिनिस्टर फिश एस्टेट स्कीम (पीएमएफईएस)] के विषय में मुख्य बिंदुओं पर बल देते हुए कहा कि वर्ष पूर्व 2018 – 2019 के दौरान में १.३७ करोड़ टन मत्स्य उत्पादन हुआ, जिसमें ६५% (पैंसठ प्रतिशत) मत्यस्य-उत्पादन स्थलीय क्षेत्र, कृषि क्षेत्र के सकल घरेलू उत्पादन में मत्स्य पालन (Pisciculture) का ६.५% (साढ़े छह प्रतिशत) का योगदान था, सकल घरेलू मूल्य वृद्धि में भी मत्स्य पालन (मत्स्य संवर्द्धन) का दर तेज, वित्तीय वर्ष २०१८ – १९ में मत्स्य उत्पादन निर्यात ₹ ४८,००० करोड़ तक पहुँच गया ।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (प्रमंफेस): प्रधानमंत्री मोदी सरकार 1.0 (प्रथम कार्यकाल) के समय तत्कालीन वित्तमंत्री श्री पीयूष गोयल ने ०२ फरबरी २०१९ के अंतरिम बड्जेट २०१९ में संसद के पटल पर मत्स्य विभाग का गठन के विषय में इंगित किया था ।
मत्स्य संवर्द्धन (Fisheries) को नीली क्रान्ति (Fisheries) नाम देते हुए को मत्स्यपालन साकार करने हेतु प्रधानमंत्री मोदी सरकार १.० ने मत्स्य पालन एकीकृत विकास (Pisciculture Integrated Development) एवं मत्स्य प्रबंधन की वृहत् योजना (Macro Scheme of Fish Management) का विलय कर दिया था ।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा (PM Matsya Sampada Yojana Details) योजना:

वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने द प्राइम मिनिस्टर फिश एस्टेट स्कीम (प्रमंमसंयो) (The Prime Minister Fish Estate Scheme) (PMFES) पर विशेष महत्त्व देते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी २.० सरकार कि प्रमुख कार्य बिंदु बताया ।

भारत की वित्तमंत्री ने कहा कि वर्त्तमान समय में देश १.५० (एक करोड़ पचास लाख) धींवर (मछुआरे) हैं मत्स्यपालन में कार्यशील हैं । बड्जेट – २०१९ (Budget – 2019) में “जल कृषि की ढांचागत विकास विकास निधि” का गठन किया गया हैं ।
बड्जेट – 2019 के माध्यम से देश में गठित की गयी जल कृषि की ढांचागत विकास विकास निधि में ₹ 7,500,00,00,000 (₹ सात हजार पाँच सौ करोड़) का प्रावधान किया गया हैं ।

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जल कृषि की ढांचागत विकास को प्रभावी तथा प्रगतिशील बनाये जाने से वैश्विक हाट (Global Market) में भारत की धाक बढ़ेगी हैं, जहाँ मत्स्य संवर्द्धन में माहीगीर (मछुआरे) की देश में बढ़ाते हुए योगदान को पूर्ण सम्मान दिए जाने के साथ उनके साथ यथोचित न्याय करने के उद्देश्य से धीवरों (Fisherman) और मत्स्यपालन के समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में प्रधानमंत्री मोदी सरकार 2.0 ने आगे बढ़ते हुए ०३ मुख्य बिंदुओं को कार्यान्वित करने हेतु जिसमें सर्वप्रथम मत्स्यपालन प्रबंधन में गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष बल दिया हैं, द्वितीय मीठे जल तथा समुद्री जल में मत्स्य उत्पादन की संभावना दोहन रणनीति पर कार्य करने एवं तृतीय मत्स्य प्रसंस्करण पर बल ।

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1 thought on “Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana~ PM मत्स्य सम्पदा योजना

  1. Sir madhaypardesh ke machhuaa samiti me machhuaaro se risbat b aadhikari apni manmarji aur netao ki dada Gori se Kam kar then hai kuchh log talabo par dada Gori se jabran kabja bna kar machhuaaro Ko prtadit kar kmai kar rhen hai Lekin machhuaaro ki koi bhi sunta sub gunda gardi se talab par Kam kar the hai machhuaaro majboor hokar Kam kar the Gilani Jedi jindgi ji rage hai

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