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Pradhan Mantri Jal Shakti Yojana प्रधानमंत्री जल शक्ति योजना

Pradhan Mantri Jal Shakti Yojana
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Pradhan Mantri Jal Shakti Yojana प्रधानमंत्री जल शक्ति योजना:

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 2.0 (द्वितीय कार्यकाल) प्रत्येक देशवासी को गृह में जल की उपलब्धता को सुगम्य सुलभ करने के उद्देश्य से थल चिह्न निर्णय (Land Mark Decision) लेते हुए देशव्यापी प्रधानमंत्री “जल-शक्ति अभियान” (Prime Minister Water Energy Mission) के प्रभावकारी रूप में कार्यान्वयन राज्यस्तर पर तिथि 01 जुलाई 2019 से आरम्भ कर दिया है ।

Pradhan Mantri Jal Shakti Yojana जल शक्ति योजना

प्रधानमंत्री जल-शक्ति अभियान (Prime Minister Water Energy Mission) – चरणबद्ध लक्ष्य:
प्रथम चरण (Phase-I): 01 जुलाई से 15 सितम्बर 2019 (देश के समस्त राज्य) (All the States of the Country)
द्वितीय चरण (Phase-II): 01 अक्टूबर से 30 नवंबर 2019 (निवर्तन वर्षा-ऋतु अथवा मॉनसून वाले राज्य) (States with Retreating Monsoon)

Pradhan Mantri Jal Shakti Yojana प्रधानमंत्री जलशक्ति अभियान – सारपत्र

जलसंचय (जल अभ्यारण्य), जल शक्ति अभियान (जेएसए) या जल ऊर्जा मिशन (डब्ल्यूईएम) पर भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की संवेगा (गतिशक्ति) से प्रेरित एक समय-सीमा, साधन जल संरक्षण अभियान है।

जलशक्ति अभियान (जशअ) (JSA) (Water Energy Mission) को दो चरणों में चलाया जाएगा:
चरण – I में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 01 जुलाई 2018 से 15 सितम्बर 2019 तक (जो 1 जुलाई से प्रभावी है); तथा चरण – II 01 अक्टूबर 2018 से 30 नवंबर 2019 तक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए रिट्रीटिंग मॉनसून (निवर्तन वर्षा ऋतु प्राप्त करने वाले – (आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, पुडुचेरी तथा तमिलनाडु राज्य) ।

प्रधानमंत्री जलशक्ति अभियान के समयावधि में अधिकारी, भू-जल विशेषज्ञ (Ground Water Experts) एवं भारत सरकार के वैज्ञानिक जल संरक्षण तथा जल संसाधन प्रबंधन (Water Resource Management – WRM) के लिए राज्य और जिला अधिकारियों के साथ मिलकर जल संरक्षण एवं कार्यान्वयन पर ध्यान केंद्रित करके कार्य करेंगे। “पंच-लक्ष्य हस्तक्षेप”। जेएसए का उद्देश्य जल संरक्षण को जन निर्माण और व्यापक संचार के माध्यम से एक जन आन्दोलन (सार्वजनिक आंदोलन) बनाना है।

हस्तक्षेप क्षेत्र:

क) जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन;
ख) पारंपरिक और अन्य जल निकायों / टैंकों का नवीनीकरण;
ग) री-यूज़ और री-चार्ज स्ट्रक्चर्स;
घ) वाटरशेड विकास;
च) गहन वन्यकरण।

विशेष हस्तक्षेप क्षेत्र:

01) खंड व जनपद जल संरक्षण योजना:

खंड तथा जनपद जल संरक्षण योजनाओं (Block and District Water Conservation) का विकास [जिला सिंचाई योजनाओं (डीआईपी) के साथ एकीकृत करने के लिए]

02) कृषि विज्ञान केंद्र मेला:

कृषि विज्ञान केंद्र मेला (Agricultural Science Focus Fare) सिंचाई के लिए कुशल जल उपयोग को बढ़ावा देने के लिए (प्रति बूंद अधिक फसल), और जल संरक्षण के लिए फसलों का बेहतर चयन ।

03) नगरीय अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग (Re-Use of City Waste):

नगरी / शहरी क्षेत्रों में, औद्योगिक / कृषि उद्देश्यों के लिए अपशिष्ट जल पुन: उपयोग के लिए समयबद्ध लक्ष्य के साथ योजनाएं / स्वीकृतियां। (धूसर जल / रसोईघर, धुलाई आदि की धोवन) (Grey Water) और काला जल (Black Water) के पृथक्करण के लिए उप-नियमों (Bye-Laws) को पारित करने वाली नगरपालिकाएँ।

04) वैज्ञानिक और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITians):

वैज्ञानिकों तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (The Scientists And The Indian Institutes of Technology) के द्वारा दलों का समर्थन करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर जुटाया जाना चाहिए ।

05) 3-डी ग्राम परिरेखा प्रतिचित्रण (Contour Mapping):
3-डी विलेज कंटूर मैप्स को बनाया जा सकता है और हस्तक्षेप की कुशल योजना के लिए सुलभ बनाया जा सकता है।

आगामी पांच वर्ष में भारत देश में प्रत्येक देशवासी के गृह में नल से जल उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार 01 जुलाई 2019 से सभी राज्यों में महत्वाकांक्षी “प्रधानमंत्री जल शक्ति अभियान” आरम्भ कर दिया है। प्रधानमंत्री जलशक्ति अभियान 15 सितंबर 2019 तक चलने वाले इस अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने पानी की कमी का सामना कर रहे 255 जनपदों के लिए प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है।

इस महाअभियान को थल-स्तर पर प्रभावी रूप में निर्णायक (Decisive) व परिणामस्वरूप (Consequential) से कार्यन्वित हो, इसके लिए इन जनपदों में खंड स्तर (Block Level) पर भी अधिकारियों के दल (Official Teams) भी तैनात किए जा रहें हैं ।

प्रधानमंत्री जल-शक्ति अभियान (Prime Minister Water Energy Mission) – कार्यान्वयन चरण:

सरकारी सूत्र के अनुसार केंद्रीय सरकार “संचय जल, बेहतर कल” (Save Water, Better Tomorrow) थीम के साथ शुरु होने वाला ‘जल शक्ति अभियान’ को दो चरणों में कार्यान्वित करेगी । प्रथम चरण 01 जुलाई 2019 से 15 सितंबर 2019 तक चलेगा जबकि दूसरा चरण एक अक्टूबर से 30 नवंबर तक होगा। इस दौरान पानी की कमी का सामना कर रहे देश के 255 जनपदों के 1593 ग्रामों में जल संरक्षण (Water Conservation) और वृष्टिजल फसल कटाई [रेनवाटर हार्वेस्टिंग (Rainwater Harvesting)] के लिए अभियान चलाया जाएगा। लगभग 1300 अधिकारी प्रधानमंत्री जल-शक्ति अभियान को व्यावहारिक रूप में परिणत करने हेतु कार्य करेंगे ।

प्रधानमंत्री जल-शक्ति अभियान – महत्त्व क्षेत्र (गुरूच्चरण), लक्ष्य:

01) प्रधानमंत्री जल-शक्ति अभियान के अंतर्गत (Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act) (MNREGA) महात्मा गाँधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गैरन्टी एक्ट (मनरेगा) जैसी योजनाओं की राशि का प्रयोग कर परंपरागत तालाबों और जलाशयों का संरक्षण, भूजल पुनर्भरण (ग्राउंड वाटर रिचार्ज), जल-विभाजक विकास (वाटरशेड डेवेलोपमेंट) और वृक्षारोपण (Tree Plantation) पर बल दिया जाएगा।

02) प्रधानमंत्री जल-शक्ति अभियान केंद्र सरकार के तीन मंत्रालय – जल शक्ति मंत्रालय, कृषि मंत्रालय तथा पर्यावरण मंत्रालय मिलकर चलायेंगे। प्रधानमंत्री जल-शक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए लोकप्रिय हस्तियों को भी इस प्रधानमंत्री जल-शक्ति अभियान को सुचारू संचालित करने हेतु जोड़ा जाएगा।

03) विश्वस्त सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री जल-शक्ति अभियान को प्रभावी रूप में कार्यान्वयन करने की दिशा में कदम उठाते हुए पानी की कमी का सामना कर रहे 255 जिलों के लिए प्रभारी अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गयी है। ये अधिकारी संयुक्त सचिव स्तर के हैं। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर भी टीमें तय की जा रही हैं। कुल मिलाकर लगभग 1300 अधिकारियों को इस अभियान में लगाया जा रहा है।

04) राष्ट्रीय स्तर के गैर-सरकारी संगठनों, स्कूली छात्रों, इंजीनियरिंग के छात्रों, नेहरु युवा केंद्र संगठन, राष्ट्रीय सेवा योजना, नेशनल कैडेट कोर जैसे संगठनों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

Pradhan Mantri Jal Shakti Yojana महत्त्वपूर्ण:

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार को पानी बचाने के लिए जलशक्ति अभियान शुरू किया। अभियान के तहत देश के 256 जिलों में 1592 विकासखंडों पर ध्यान दिया जाएगा। पेयजल स्वच्छता सचिव परमेश्वरन अय्यर ने बताया कि जलशक्ति अभियान पांच बातों पर ध्यान देगा-जल संरक्षण व वर्षा के पानी को रोकना, पारंपरिक व अन्य जलस्रोतों का पुनरोद्धार, जल का पुन: उपयोग व जल-संरचनाओं की रिचार्जिग, वॉटरशेड का विकास और व्यापक पौधरोपण।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जल सुरक्षा / जल संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री जलशक्ति अभियान शुरू किया था । प्रधानमंत्री जल शक्ति अभियान के अंतर्गत देशव्यापी 256 जनपदों में 1592 विकास खंडों (Block Development) पर ध्यान दिया जा रहा हैं । केंद्र सरकार के सचिव परमेश्वरन अय्यर पेयजल स्वच्छता हेतु जलशक्ति अभियान मुख्य पांच महत्त्वपूर्ण बिन्दूओं पर ध्यान देगा, जो निम्नलिखित हैं:

01) जल संरक्षण व वर्षा के पानी को रोकना ।
02) पारंपरिक व अन्य जलस्रोतों का पुनरोद्धार ।
03) पानी का पुन: उपयोग ।
04) जल-संरचनाओं की रिचार्जिग ।
05) वॉटरशेड का विकास और व्यापक पौधरोपण।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने कहा कि अतिरिक्त सचिवों व संयुक्त सचिवों के नेतृत्व में केंद्र सरकार के अफसरों को 256 जिलों में जलशक्ति अभियान चलाने का उत्तरदायित्व सौंपा गया है। जनपद प्रशासन भी अपने दो सदस्य इन टीमों के साथ जोड़ेगा।

कृषि विज्ञान मेलों और जनपद जल संरक्षण योजनाओं के जरिए भी अभियान को मजबूती दी जाएगी। शहरी इलाकों में उद्योगों व खेती के लिए बर्बाद पानी के पुन: उपयोग को बढ़ावा देने के लिए समयबद्ध लक्ष्य तय किए जाएंगे।

केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय (काप्रमं) (Department of Personnel & Training) ने पानी की कमी से जूझ रहे देश के 255 ज़िलों में वर्षा जल के संचयन और संरक्षण हेतु 1 जुलाई, 2019 से ‘जल शक्ति’ अभियान की शुरू करने की घोषणा की है।

उल्लेखनीय है कि जल से संबंधित मुद्दे राज्य सरकार के अंतर्गत आते है लेकिन इस अभियान को केंद्र सरकार के संयुक्त या अतिरिक्त सचिव रैंक के 255 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों द्वारा समन्वय किया जावेगा।

प्रधानमंत्री जलशक्ति अभियान – प्रमुख बिंदु

01) कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस अभियान में अंतरिक्ष, पेट्रोलियम एवं रक्षा क्षेत्रों से अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
02) प्रधानमंत्री जलशक्ति अभियान को दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान वर्षा प्राप्त करने वाले राज्यों में 01 जुलाई से 15 सितंबर 2019 तक जबकि उत्तर-पूर्व मानसून से वर्षा प्राप्त करने वाले राज्यों में 01 अक्तूबर से 30 नवंबर तक संचालित किया जाएगा।
03) प्रधानमंत्री जलशक्ति अंतर्गत गंभीर रूप से जल स्तर की कमी वाले 313 खंड शामिल किये गए हैं । 1,186 ऐसे खंड (ब्लॉक्स) भी शामिल किये जाएंगे जहाँ भूजल का अत्यधिक दोहन हुआ है। साथ ही 94 जनपद ऐसे हैं जहाँ भूजल स्तर काफी नीचे चला गया है।
04) जल शक्ति अभियान का उद्देश्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना और ग्रामीण विकास मंत्रालय के एकीकृत जलसंभरण प्रबंधन कार्यक्रम के साथ-साथ जल शक्ति और पर्यावरण मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही वर्तमान जल पुनर्भरण तथा वन्यकरण योजनाओं के अंतर्गत जल संचयन, संरक्षण और पुनर्भरण गतिविधियों में तेज़ी लाना है।
05) मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से भी इस कार्यक्रम की वास्तविक समय चौकसी (निगरानी) [Real Time Surveillance] (रियल टाइम सर्विलांस) की जा सकेगी तथा इसे www.indiawater.gov.in के डैशबोर्ड पर अवलोकन किया जा सकता है।
06) इस योजना के अंतर्गत खंड व जनपद स्तर (Block And District Level) पर जल संरक्षण योजना का मसविदा तैयार किया जा रहा हैं ।
07) बेहतर फसल विकल्पों एवं सिंचाई के लिये जल के अधिक कुशल उपयोग को बढ़ावा देने हेतु किसान विज्ञान केंद्र द्वारा मेले का आयोजन किया जाएगा।

जलशक्ति मंत्रालय संरचना: (JalShakti Ministry)
जलशक्ति मंत्रालय (Jalshakti Ministry) का सृजन निम्नलिखित दो मंत्रालयों का विलय करके किया गया है, ये दोनों मंत्रालय हैं:
01) जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय (Ministry of Water Resources, River Development & Ganga Rejuvenation) तथा 02) पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय (Ministry of Drinking Water and Sanitation)

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अब इस मंत्रालय के अधिकारक्षेत्र में जल संबंधी सभी कार्य आच्छादित हैं। इससे पहले कई केंद्रीय मंत्रालयों द्वारा जल संबंधी कार्यों का निर्वहन अलग-अलग किया जाता था जैसे- पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय’ के तहत अधिकांश नदियों के संरक्षण का कार्य किया जाता है, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय’ द्वारा शहरी जलापूर्ति की देख-रेख की जाती है तथा सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएँ कृषि मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं।

Website of the Department- www.indiawater.gov.in

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