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Pyaj Bhandaran Yojana प्याज भंडार गृह Registration Online Apply Form

Pyaj Bhandaran Yojana
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Pyaj Bhandaran Yojana प्याज भंडार गृह Registration Online Apply Form

कृषक जन प्याज भण्डारण गृह का निर्माण कर केंद्र सरकार से सहायता राशि के रूप में 50% तक अनुदान पाएं । भारत देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सरकार ने “राष्ट्रीय कृषि विकास योजना” के अंतर्गत कृषि मंत्रालय ने प्याज जैसी कच्ची फसल को अकारण आपदा से होने वाले अपरिहार्य हानि से बचाने के लिए देश में प्याज उत्पादन करने वाले कृषक बंधु प्याज भंडार (Under Pyaj Bhandaran Yojana) गृह बनाए जाने के लिए 50% तक अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। महत्त्वपूर्ण है की 02 – 03 माह से अधिक समय तक गृहों में प्याज भंडारण संभव नहीं है । इससे अधिक समय रखने पर प्याज में बीमारी लगने के साथ सड़न पैदा होने का खतरा रहता है।

Pyaj Bhandaran Yojana प्याज भंडार गृह

सभी प्याज उत्पादन करने वाले कृषकों को प्याज का उचित मूल्य मिले, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत प्याज भंडार गृह योजना प्रारंभ करते हुए किसानों को प्याज का भंडारण करने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिए जाने का प्रावधान रखा है ।

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना बहुउद्देशीय प्याज भंडार गृह Pyaj Bhandaran Yojana योजना के लाभ:

भारत सरकार की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कृषि मंत्रालय ने प्याज जैसी कच्ची फसल को किसी भी प्रकारेण अकालिक हानि से सुरक्षित रखने हेतु, असामयिक अधिक लाभ अर्जन तथा कृषकों की आय दोगुना करने के उद्देश्य से स्थानीय स्तर पर भंडारण के लिए कार्यान्वयित बहुउद्देशीय प्याज भंडार गृह योजना । बहुउद्देशीय प्याज भंडार गृह योजना में देश में प्याज उत्पादकों / कृषकों को अपने खेत में 24 गुणा 48 वर्गफीट जमीन पर ₹ 3.50 लाख मूल्य का भंडार गृह बनवाने के लिए 50 प्रतिशत अथवा ₹ 1.75 लाख का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है । *बहुउद्देशीय प्याज भंडार गृह योजना के लाभ प्राप्त करने हेतु अंत सूचना को ध्यान से पढ़ें ।

प्याज उत्पादक कृषक के लिए 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले भंडार गृह निर्माण में दीवारों का परिमाण किया जाना आवश्यक है । प्याज की फसल को सुरक्षा हेतु इसे हवादार बनाने के लिए चारों ओर कुल 22 उजालन होंगे ।

प्याज भंडार गृह निर्माण भण्डारण परिमाण:

अल्प-मूल्य प्याज भंडारगृह प्याज की खेती करने वाले कृषकों को वर्तमान समय में अतिअल्प लाभ प्राप्त हो पाता है । प्याज उत्पादक कृषकों को कभी-कभी प्याज का मूल्य फसल की तुलनात्मक रूप में आशातीत मूल्य भी प्राप्त नहीं हो पाता है । अक्सर देखा गया है की असहाय कृषक फसल के आशातीत मूल्य नहीं मिलाने के कारण को प्याज पर मार्ग में यूं हीं फेक देते हैं । इस कारण कृषक बंधु प्याज का भण्डारण कर उसे उचित समय में हाट (मार्केट) में क्रय कर (बेच) सकते हैं । कृषक प्याज का प्रसंस्करण कर उसे अधिक मूल्य पर (क्रय कर) बेच सकते हैं । भारतीय कृषि अनुसन्धान केंद्र के प्याज एवं लहसुन अनुसन्धान निदेशालय ने कृषकों की सहायता हेतु इसी दिशा में प्याज भण्डारण की सस्ती प्रोद्योगिकी विकसित की है ।

Pyaj Bhandaran Yojana प्याज भंडारण गोदाम की आवश्यकताएं :

उपलब्ध तथ्यात्मक सूचना के आधार पर प्याज के प्रभावी लम्बे भंडारण के लिए कृषकों को आवश्यक मापदंड़ो पर ध्यान देना आवश्यक है, जो निम्नोल्लेखित हैं:

01) प्याज का आकार ।
02) प्याज की प्रजाति का चयन ।
03) कृषि प्रथाओं (फसल के समय, क्षेत्र का उपचार, ऊपरी भाग की छटाई करना, प्याज को सुखाना) ।
04) ग्रेडिंग ।
05) पैकिंग ।
06) प्याज भंडारण की स्थिति (65% से 70% के बीच में अनुकूलतम भंडारण सीमा के साथ 25 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान की सीमा)
बेहतर भंडारण गोदामों की मुख्य विशेषताएं:
01) नमी और सीलन को रोके जाने हेतु प्याज भंडार का निर्माण ऊँचे स्तर पर करना जिसके परिणामस्वरूप मिट्टी के साथ प्याज के सीधे संपर्क में न आने दिया जावे ।
02) मंगलौर टाइल के प्रकार की छत या अन्य उपयुक्त सामग्री का उपयोग कर अंदर के उच्च तापमान को ऊपर उठाने से रोका जा सके ।
03) बेहतर हवा परिसंचरण और गोदाम के अंदर नम सूक्ष्म जलवायु को रोकने के लिए केंद्र ऊँचाई और तीव्र ढलान में वृद्धि करना ।
04) स्वतंत्र और तेज हवा के संचरण के लिए नीचे और किनारों में वेंटिलेशन उपलब्ध करना ताकि प्याज की परतों के बीच उष्मता और आद्रॅता से बचा जा सके ।
05) रंग और गुणवत्ता में गिरावट, सूर्य की उष्मा (गर्मी) से झुलसन से बचने के लिए प्याज पर गिरने वाली सीधी धूप या बारिश के पानी से बचना ।
06) दबाव चोट से बचने के लिए ऊँचाई में लगे ढेर का उचित रख-रखाव करना।
07) समय-समय पर गोदाम और परिसर की कीटाणुशोधन हेतु जाँच करना ।
08) गोदामों के निर्माण के मूल्य में लाभ के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री का उपयोग करना ।
09) प्याज भंडारण के लिए, प्रौद्योगिकी प्राकृतिक संवातन (Natural Ventilation) अथवा कृत्रिम संवातन (Artificial Ventilation) के साथ भी हो सकती हैं । (स्मरण रहे) शीत संग्रहण प्रणाली (Cold Storage System) कोल्ड स्टोरेज सिस्टेम प्याज के लिए कुछ देशों में उपयोग किया जाता है, इस कोल्ड स्टोरेज सिस्टेम (Cold Storage System) को सामान्य रूप से भारत में कमजोर अर्थव्यवस्था होने के कारण अपनाया नहीं जाता है और हमारे देश में प्रचलित उच्च परिवेश तापमान में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक कोल्ड चेन सुविधाओं की कमी के कारण भारत में इसे नहीं अपनाया गया है । 25 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ 65% से 70% के बीच आद्रॅता की रेंज बनाए रखने पर प्याज भंडारण का वेंटिलेशन काफी सन्तोषजनक रहता है । यह वातावरण भंडारण के होने वाते नुकसान जैसे सड़न, अंकुरण और वजन के रूप में फिजिओलोजिक्ल नुकसान करता है । प्याज भंडारण गोदाम उत्तर-दक्षिण कि ओर उन्मुख होना चाहिए और उसकी लंबाई का मुख पूर्व-पश्चिम दिशा कि ओर होना चाहिए । छिद्रत सतह के साथ नीचे और किनारों के वेंटिलेशन के साथ 0.60 मीटर की ऊँचाई तक का भंडारण होगा । 80% तक खुले किनारों के साथ 60 सेंटीमीटर भूमि से ऊपर भंडारण होना चाहिए । संवातन भण्डारण (वेंटिलेशन स्टोरेज) के तहत भंडारण की ऊँचाई 90 सेंटीमीटर से 150 सेंटीमीटर के मध्य में होना चाहिए । 25 मीटर मीट्रिक टन भंडारण के लिए, प्याज भंडारण क्षेत्र का आकार 4.5 मीटर x 6.0 मीटर होना चाहिए । भंडारण की चौड़ाई स्थानीय निर्माण सामग्री और परिवेश दशा की उपलब्धता के आधार पर कम किया जा सकता है । भंडारण गोदाम की लंबाई को व्यकितगत किसानों की आवश्यकताओ के अनुकूल बढ़ाया जा सकता है । धूप और बारिश से उत्पाद की रक्षा करने के लिए विंडवार्ड के ऊपर कम से कम 1.5 मीटर और अन्य सभी किनारों में 0.5 मीटर का छज्जा बनाना चाहिए । हवा की दिशा में, स्थ से नीचे के मुख को बेहतर वेंटिलेशन के लिए ऊपर की ओर हवा निदेर्शित करने के लिए बंद किया जाना चाहिए । जहाँ तूफ़ान/चक्रवात की संभावना हों वहाँ अनुवात की दिशा को बंद कर देना चाहिए अगर वायु की दिशा वाला स्थान खुला हो । तूफान के दौरान प्रतिवात दिशा को बंद करने का प्रावधान होना चाहिए । बेहतर क्षेत्र के उपयोग करने पर दिया जाना चाहिए । 25 मेट्रिक टन के गोदाम का कुल आयाम 6.5 मीटर x 7.0 मीटर होना चाहिए । आयाम को क्षमता और साइट की स्थिति के आधार पर समायोजित किया जा सकता है । गोदामों की छत में एक टायर व्यवस्था के लिए मंगलौर टाइल प्रकार या एसीसी या दो टिअर प्रणाली के लिए आरसीसी का प्रयोग हो सकता है । मंगलौर टाइल्स की स्थिति में, हवा से नुकसान को रोकने के लिए सिरों को ठीक से गड़ाना चाहिए । यदि सस्ता माल उपलब्ध हो जो गोदाम के ऊपर उत्पन्न ऊष्मा को रोकने की क्षमता रखता हो तो वे भी इस्तेमाल किया जा सकता है । नींव में पिल्लरों को संभालने की क्षमता होनी चाहिए जो गोदाम और वायु के दबाव को सहन क्र सके । वायु अवरोध के रूप में सुविधा देंने के लिए अनुवात दिशा में भंडारण प्लेटफार्म के निचले भाग में आधी ईट की अविच्छिन्न मोटी दीवार बनवाई जा सकती है । एमएस कोण फ्रेम की सहायता से आधे विभाजित बांस का प्याज भंडारण गोदाम के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है । किनारों की दीवारें भी चेन लिंक (जिआई तार) के प्रकार की हो सकती हैं। ऐसा देखा गया है कि प्रति मीट्रिक टन रु. 1500 से रु. 200 के बीच निवेश लागत से इस तरह के गोदामों का निर्माण किया जा सकता । इसलिए, पर्याप्त देखभाल से गोदामों द्वारा पूरा लाभ उठाया जा सकता है ।

Pyaj Bhandaran Yojana प्याज भंडार गृह भंडारण पद्धतियां

प्याज का संग्रह खुले में या बैग में किया जाता है. लाभाथिर्यो को सूचित किया जाए की भंडारण करने से पहले प्याज की छंटाई जरूर की जानी चाहिए और उसके बाद प्याज में रोग/संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए तीस दिनों में कम से कम एक बार प्याज की छंटाई जरुर करनी चाहिए. आम तौर पर, प्याज कस वजन कम होने के कारण एक स्टोरेज सीजन में लगभग 20-30% कस नुकसान हो जाता है जिसे उचित देखभाल के साथ नियंत्रित किया जा सकता है. यदि संरचना की डिजाईन में अधिक से अधिक प्राकृतिक वेंटिलेशन की सुविधा का प्रावधान किया गया है और प्याज की छंटनी नियमित अंतराल पर की जाती है तो अन्य प्रकार के नुकसान को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है

भौतिक और वित्तीय परिव्यय

प्याज भंडारण गोदाम के लिए निम्न भौतिक प्रावधान और उनकी लागत का विवरण जरूरी है:

01) भूमि समतलीकरण, फेंसिंग, जल निकासी, आदि सहित साइट विकास
उपर्युक्त वर्णित नियमों / सिद्धांतो के अनुसार प्याज भंडारण शेड का निर्माण
फर्श के लिए लकड़ी के बीम और साईट एवं फर्श के लिए बांस का प्रावधान
प्याज पर धूप या बारिश को गिरने से रोकने के लिए पाॅली एथाइलिन शीट / बोरियों का प्रावधान आकस्मिकता ।

उक्त वर्णित मापदंडों के अनुसार, प्याज भंडारण गोदाम की औसत लागत 300 से 400 प्रति मैट्रिक टन हो सकती। 25 टन क्षमता के प्याज भंडारण गोदाम की औसत लागत 1.00 लाख आती है और तदनुसार निवेश की इकोनॉमिक्स का आंकलन किया गया है ।

वित्तीय व्यवहार्यता :

25 लाख टन क्षमता के प्याज भंडारण गोदाम से निवेश का वित्तीय विश्लेशण किया गया है और अनुबंध II में दिया गया है । परियोजना में 25% की मार्जिन राशि और 14% ब्याज दर का सावधि ऋण है । इस परियोजना के लिए, निवेश के वित्तीय संकेतक निम्नप्रकारेण हैं:

शुद्ध वर्तमान मूल्य 15% @ DF = 33,000
लाभ लागत अनुपात 15% @ DF = 1.308:1
रिटर्न की आंतरिक दर (आईआरआर) = 36.53%
औसत ऋण सेवा कवरेज अनुपात = 1.9602:1
उपलब्ध अनुबंध उल्लेखित नकदी प्रवाह विवरण (Cash Flow Statement) तथा चुकौती अनुसूची (Repayment Schedule) के अनुसार, अनुग्रह अवधि के बिना, मियादी ऋण की वसूली 05 वर्ष में किए जाने का प्रावधान रखा था ।

प्याज के वैविध्य अथवा प्रजाति:

विविध हिन्दू उत्सवों को तज कर भारत में प्याज कंद की मांग वर्षपर्यन्त बनी रहती है। अतः प्याज का भंडारण पूरे वर्ष की आपूर्ति के लिए आवश्यक होता है। खरीफ और पछेती खरीफ प्याज की अपेक्षा रबी प्याज में बेहतर भंडारण क्षमता होती है। प्याज का भंडारण ऋतु, प्रजाति, कन्द सुप्तावस्था, पोषक तत्व, सिंचाई प्रबंधन, कीट और रोग का प्रकोप और कटाई पूर्व व उपरांत प्रबंधन के तरीके और भंडारण परिस्थिति जैसे विभिन्न मानकों पर निर्भर करता है।

प्याज की विभिन्न वैविध्य भण्डारण निम्न प्रकारेण किया जा सकता है आम तौर पर, हल्के लाल रंग की प्रजाति जैसे, एन-2-4-1, भीमा किरन, भीमा शक्ति, अर्का निकेतन और एग्रीफाऊंड लाइट रेड; गहरे लाल, सफेद और पीले रंग की वैविध्य की तुलना में अधिक भंडारण क्षमता रखती हैं। पत्ते पीले रंग में बदलने तथा गर्दन पतली होने तक पौधों को खेतों में सुखाना चाहिए फिर पर्याप्त वायुसंचार के साथ छाया में सुखाया जाना चाहिए। छाया में सुखाने से कन्दों की सूर्य की तीखी किरणों से रक्षा होती है, रंग में सुधार आता है और बाहरी सतह सूख जाती है। सूर्यप्रकाश को अत्यधिक अनावृत्त होने से प्याज की बाहरी सतह निकल जाती है, धूप से रंग खराब हो जाता है, और प्याज सिकुड़ते जाते है। मध्यम आकार (50 – 80 मि.मी.) के घाव मुक्त प्याज की भंडारण के लिए अनुशंसा है।

प्याज भंडारण गृह बेहतर भंडारण के लिए प्याज को 40-50 कि.ग्रा. की जूट (टाट) की बोरियां, प्लास्टिक की जालीदार थैलीयां या प्लास्टिक और लकड़ी की टोकरीयों में रखने की जरूरत होती है। प्लास्टिक / नायलॉन थैलियों का घरेलू और साथ ही निर्यात उद्देश्य से अधिकांश किसान उपयोग कर रहे हैं, क्योंकि यह अधिक किफायती, आकर्षक और आसानी से उपलब्ध होती हैं। प्याज को पैकिंग के बाद 05 फीट ऊंचाई तक भंडार गृह में रखा जाना चाहिए कि समय में इसे निकला जाना सरल हो जावे ।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने प्याज कन्दों के भंडारण के लिए विभिन्न प्रकार के भंडार गृह विकसित किए हैं। सतह एवं बाजू से हवादार दो पंक्ति वाला भंडार गृह और अल्प-मूल्य / कम लागत वाला सतह और बाजू से हवादार एकल पंक्ति भंडार गृह की सिफारिश की जाती है। अच्छे भंडारण के लिए भंडार गृहों का तापमान 30˚ – 35˚ सें. तथा सापेक्ष आर्द्रता 65% – 70% होनी चाहिए।

बहुउद्देशीय प्याज भंडार गृह योजना ( Pyaj Bhandaran Yojana ) लाभ* प्राप्त हेतु प्रक्रिया:

इसके लिए कृषक द्वारा ऑनलाइन पंजीयन के पश्चात स्वीकृत आदेश निर्गत किया जाता है । प्याज भण्डारण गृह निर्माण कर लेने के बाद भौतिक सत्यापन होने पर प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रैन्सफ़अ) द्वारा कृषक के मितव्ययिता अधिकोष लेखा (Savings Bank Account) में अनुदान संचय हेतु प्रेषित किया जाएगा। योजना का लाभ पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।

मध्य प्रदेश में प्याज भण्डारण गृह योजना के अतिरिक्त सिंचाई के साधन पर्याप्त होने से फल क्षेत्र विस्तार योजना अंतर्गत आम, अमरूद, नींबू, संतरा, अनार, सीताफल आदि के उद्यान भी लगाए जा सकते हैं । इसके लिए कृषक को ₹ 60,000 का अनुदान 3 वर्ष में तीन किश्त में प्रदान किया जाता है ।

इसमें भी कृषक के लिए ऑनलाइन पंजीयन होगा। इसी तरह ड्रिप योजना में सभी वर्ग के किसान जिनके पास दो हेक्टेयर से अधिक है, उन्हें 55 प्रतिशत अनुदान, सामान्य वर्ग के लघु, सीमांत कृषक जिनके पास 02 हेक्टेयर से कम भूमि हो उन्हें 60 प्रतिशत अनुदान दिए जाने का प्रावधान है । अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लघु एवं सीमांत किसान, जिनके पास 02 हेक्टेयर भूमि है उन्हें 65 प्रतिशत अनुदान दिया जाता हैं । प्याज भंडार गृह योजना का लाभ पहले आओ पहले पाओ का आधार पर है ॥

Pyaj Bhandaran Yojana प्याज भंडार गृह Registration आवेदन प्रक्रिया:

01) समस्त कृषकों के लिए अपरिहार्य व अनिवार्य रूप में पंजीकरण करना आवश्यक है । तथा कृषक निकट किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर अथवा जनसामान्य सहायता केंद्र पर पंजीयन ऑनलाइन भी करा सकते हैं ।
02) पंजीयन हेतु कृषकों के संग परिचय पत्र के रूप 01) राज्य का स्थानीय निवास स्थान प्रमाणपत्र, 02) आधार कार्ड, 03) मतदाता अभिज्ञान पत्र, 04) उद्दिनांकित पारण संपत्र / पासवृक (Updated Pass-Book), 05) भूमि संबंधित प्रलेख, बी – 01 किश्तबंदी 06) जाति प्रमाणपत्र (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति) ।

आवेदन करें:
कृषक अपने अपने प्रदेश में संबंधित उद्यान वेबसाइट पर लॉग इन कर सकते हैं । मूल आवेदन की प्रति सहित समग्र प्रलेख विकास खंड के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी / अथवा ग्रामीण उद्यान विकास अधिकारी को प्रस्तुत करें ।

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भारत सरकार की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (रफ़्तार)
(Rashtriya Krushi Vikas Yojana (RKVY)] –

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